"आप भी बन सकते हैं RAS टॉपर" पुस्तक समीक्षा



समीक्षक - इंजी. अशोक कुवाल (द ग्रेट मोटिवेशनल स्पीकर, लाइफ कंसल्टेंट)  


पुस्तक का नाम - आप भी बन सकते हैं RAS टॉपर 

लेखक:- डॉ. जी. एल. शर्मा (आर. ए. एस.)

पृष्ठ - 239
मूल्य - मात्र 195 रूपये।
प्रकाशक  - प्रभात पेपरबैक्स, नई दिल्ली
ISBN    978-93-5266-9295 
  
     आप भी बन सकते हैं RAS टॉपर, जैसा कि इस किताब का नाम है, बिल्कुल उसी तरह इसे संपादित किया गया है। सुन्दर कलेवर वाली यह लघु पुस्तक हाथ में आते ही सुखद अनुभूति देती है। राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आर.ए.एस.) परीक्षा प्रदेश की सर्वोच्च एवं सबसे प्रतिष्ठित मानी जाती है। प्रदेश के युवा स्नातक करने के बाद यह सपना देखते हैं कि वे सिविल सेवाओं में चयनित होकर कलक्टर, एस.पी., एस.डी.एम., या डी.वाई.एस.पी. या अन्य कोई सम्मानजनक पद प्राप्त करे। युवाओं की इन आकांक्षाओं के मद्देनज़र राजस्थान  प्रशासनिक सेवा के अधिकारी डॉ. जी. एल. शर्मा  ने एक ऐसी प्रेरणास्पद पुस्तक की रचना की जो आर.ए.एस. परीक्षा में टॉप करने के टिप्स देकर प्रेरित करती है।  
        लेखक डॉ. शर्मा स्वयं कैरियर काउंसलर रहे हैं तथा मोटिवेशनल गुरु के रूप में सिविल सेवा परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी से वर्षों तक जुड़े रहे हैं। लेखक ने अपने करीब 15 वर्षों के अध्ययन, अध्यापन एवं गाइडेंस के अनुभव को व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर इसे और अधिक उपयोगी बनाने का प्रयास किया है।  इसकी मदद से आप अपनी कमजोरियों को खूबियों में बदलकर सफलता का आत्मविश्वास हांसिल कर सकते हैं। 
   सन 1989 से वर्तमान तक सभी आर.ए.एस. टॉपर्स के साक्षात्कार लेकर उनके सफल मंत्रों को किताब में यथोचित स्थान दिया गया है।  इसके अलावा करीब दो दर्जन प्रतिभाशाली आर.ए.एस. ऑफिसर्स की सफलता की कहानियां एवं सफलता के सीक्रेट टिप्स भी दिए गए हैं।  सिविल सेवा परीक्षा एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग या मार्गदर्शन से जुड़े एक्स्पर्ट्स के विचारों और संदेशों का समावेश भी पुस्तक को संगोपांग बनाता है। पुस्तक में कई प्रेरक वाक्य युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं की ओर आकर्षित करते हैं जैसे-
        तुम्हारे दिल की चुभन जरूर कम होगी, किसी के पाँव का काँटा निकालकर देखो।
   आर.ए.एस. टॉपर्स के साथ-साथ प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक, प्रोफेसर, ओ.टी.एस. की फेकल्टी एवं अन्य ख्यातलब्ध विशेषज्ञों से आवश्यकतानुसार पुस्तक के संपादन में मदद लेकर प्री से लेकर मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू तक की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक मैनेज करने की तरकीबों का उल्लेख पुस्तक में किया गया है। यह पुस्तक  आर.ए.एस. टॉप कराने के साथ ही अपने जीवन और कैरियर में शीर्ष पर बने रहने के टिप्स भी देती है तथा विपरीत परिस्थितियों पर काबू पाकर सफलता के गुर सिखाती है। 
    इस प्रेरणास्पद लघु पुस्तक की प्रस्तावना राजस्थान प्रशासनिक सेवा परिषद के अध्यक्ष और कुशल प्रशासक श्री पवन अरोड़ा (आई.ए.एस.) द्वारा लिखी गई है। प्रेरणाश्रोत के रूप में राजस्थान लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो. बी.एम. शर्मा, राजस्थान लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य विनोद बिहारी शर्मा तथा कन्हैया लाल बैरवा (से. नि. आई.पी.एस) के प्रेरक संदेशों एवं विचारों को पुस्तक के प्रारम्भ में अहम स्थान दिया गया है। पुस्तक के तक़रीबन प्रत्येक पृष्ठ पर कोई न कोई प्रेरक शेर या प्रेरणास्पद कथा या जीवन दर्शन संबंधी वाक्यों का समावेश देखा जा सकता है। यह हैंडबुक उनके लिए  प्रेरक, मार्गदर्शक एवं वरदान साबित होगी, जो खुद को परखना चाहते हैं।  मनोज शर्मा, आर.ए.एस. टॉपर 2010 का कहना है कि ऐसी मोटिवेशनल पुस्तक की लंबे समय से आवश्यकता थी।

      प्रस्तुत पुस्तक मोटेतौर पर पाँच खंडों में विभक्त है -

  • प्रेरणाश्रोत और RAS टॉपर्स द्वारा सफलता के सूत्र।
  • आर.ए.एस. परीक्षा की सम्पूर्ण स्कीम एवं कार्ययोजना सिलेबस तथा आवश्यक पुस्तकों का चयन। 
  • आर.ए.एस. प्री परीक्षा की रणनीति एवं अल्प समय में तैयारी हेतु किया जा सकने वाला प्रबंधन। 
  • आर.ए.एस. मुख्य परीक्षा की तैयारी में प्रश्नों के उत्तर लेखन की कला और अभ्यास करने के ट्रिक्स तथा मॉडल उत्तर लेखन। 
  • साक्षात्कार और व्यक्तित्व परीक्षा की तैयारी हेतु बॉयोडाटा तथा इंटरव्यू की प्रैक्टिस के तरीके। पिछले RAS इंटरव्यू में पूछे गए प्रश्नों का वृहद संकलन। 
      सिविल सेवा परीक्षा सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु इस प्रेरक पुस्तक में कुल आठ अध्यायों का समावेश किया गया है।  'राजस्थान प्रशासनिक सेवा-एक परिचय' से प्रारम्भ होकर 'हरिशचंद्र माथुर लोक प्रशासन संस्थान (ओ.टी.एस.) की मधुर स्मृतियाँ' तक इन आठ पाठों में प्री एवं मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार में तैयारी की दिशा, "आपके सवाल-टॉपर्स के जवाब" और टॉपर्स की कलम से" इत्यादि पर संक्षेप में लिखा गया है।  
     पिछले 30 वर्षों के दौरान सभी RAS टॉपर्स रहे जीनियस ऑफिसर्स के द्वारा तैयारी के अनुभव और RAS की सेवा के दौरान प्राप्त अनुभवों का विस्तृत विवरण इस पुस्तक की विशिष्ट खूबी है।  प्रस्तुत पुस्तक सिविल सेवा परीक्षा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए एक चिंगारी का काम करेगी। मेरा यह विश्वास है कि इसे पढ़ने के बाद कोई भी युवा निश्चित रूप से सकारात्मक ऊर्जा पाकर अपने उद्देश्य में लग जाएगा।  प्रशासनिक सेवा परीक्षाओं की तैयारी में दरअसल दिशा और दशा दिखाने की निर्णायक भूमिका होती है। जो यह पुस्तक बखूबी करेगी।  श्रेष्ठ मार्गदर्शक के रूप में अभ्यर्थियों के लिए यह किताब अचूक सक्सेस मंत्र बताकर सफलता की सरल राह सिखाती है। 
तैयारी के दौरान क्या पढ़ना चाहिए और कैसे पढ़ना चाहिए इसके साथ यह भी अधिक महत्वपूर्ण होता है कि क्या नहीं पढ़ना चाहिए। किताब में इन्ही पहलुओं पर विशेष रूप से फोकस किया गया है।  इसी प्रकार लिखित परीक्षा में क्या और कैसे लिखना चाहिए और क्या नहीं लिखना चाहिए और कतिपय प्रश्नों की मांग के अनुरूप उत्तर कैसे लिखना चाहिए।  इन पहलुओं का उदहारण सहित विवेचन किया गया है। 
पुस्तक के लेखक डॉ. शर्मा ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण 15 वर्ष आर.ए.एस., आर.जे.एस., नेट-स्लेट  तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के अध्ययन, अध्यापन व मार्गदर्शन करने में व्यतीत किए है।  इस पुस्तक के अध्ययन से लेखक के व्यापक अनुभवों का लाभ पाठकों को प्राप्त होगा।  लेखक समाजशास्त्री, क़ानूनविद एवं कुशल प्रशासक के साथ प्रेरक वक्ता और मोटिवेशनल गुरु भी हैं।  आपकी दो दर्जन से अधिक पुस्तकें विभिन्न नामचीन प्रकाशकों से प्रकाशित हो चुकी है।  जिनमें से रावत पब्लिकेशन से प्रकाशित 'सामाजिक मुद्दे' नामक पुस्तक आर.ए.एस., आर.जे.एस. परीक्षा सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए सबसे पसंदीदा एवं लोकप्रिय बन चुकी है। इसके अलावा राजस्थान हिन्दी ग्रन्थ अकादमी जयपुर से हाल ही में प्रकाशित 'आधुनिक अपराध शास्त्र' भी पाठकों एवं विशेषज्ञों के बीच अच्छी खासी लोकप्रिय हो रही है। 
प्रस्तुत लघु पुस्तक की खास बात यह है कि यह पाठक को बोर नहीं होने देती।  बीच-बीच में प्रेरक वाक्य और शेरो-शायरी का पुट निरंतर दिया गया है।  सभी आर.ए.एस. टॉपर्स के अमूल्य सुझाव और यथार्थवादी विचारों के साथ उनके टॉपर बनने के राज उनके स्वयं के द्वारा खुलासा किए गए हैं।  अगर अभ्यर्थी उनके द्वारा बताए रास्ते पर चलकर सुझावों पर अमल कर लें तो आर.ए.एस. परीक्षा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी टॉप करने से उन्हें कोई रोक नहीं सकता।  यह पुस्तक आर.ए.एस. अभ्यर्थियों के साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए बहुमूल्य उपहार है, जो प्रारम्भिक परीक्षा से लेकर मुख्य परीक्षा तथा इंटरव्यू तक समग्र मार्गदर्शन प्रदान करेगी। 

डॉ. शर्मा इस पुस्तक के माध्यम से युवाओं  को संदेश देना चाहते हैं कि-

तरक्कियों की दौड़ में उसी का जोर चल गया,
बना के अपना रास्ता खुद जो भीड़ से निकल गया। 
हद इतनी करो कि हद की इन्तेहाँ हो जाए,
कामयाबी इस तरह मिले कि वो भी एक दास्ताँ हो जाए।

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