पॉजिटिव माहौल बनाए रखने के 5 सूत्र

- डॉ. जी एल शर्मा, आर.ए.एस.


घर के साथ-साथ हर व्यक्ति वर्कप्लेस पर काफी समय गुजारता है और वह चाहता है कि वहां पर हमेंशा पॉजिटिव माहौल बना रहे। क्या आपको लगता है कि ऑफिस का माहौल नकारात्मक हो गया है और एम्प्लाइज की वर्क केपेसिटी कम हो गई है या उनका व्यवहार बदल गया है? अगर ऐसा है तो कुछ चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है। ऐसा घर और ऑफिस में चीजों के अव्यवस्थित होने, गंदगी और पर्याप्त स्पेस न होने की वजह से भी हो सकता है। इस स्थिति में घर और ऑफिस में कुछ चेंज करके पॉजिटिविटी ला सकते हैं। अगर आपको आगे बढ़ना है तो घर के साथ-साथ वर्कप्लेस पर पॉजिटिव रहना होगा। इसके लिए खास बातों का ख्याल रखना होगा।


पहला सूत्र -

कोई भी काम अच्छी तरह से करने के लिए जरूरी है कि आपके अंदर और घर के साथ-साथ वर्कप्लेस पर भी पॉजिटिव एनर्जी हो। अगर आप अपने ऑफिस और घर में सकारात्मक ऊर्जा भरना चाहते हैं तो सबसे पहले ऑफिस और घर के हर कोने को जरूर साफ करें। डस्टिंग करें और हर जगह के जाले निकाल दें। पर्दों में धूल जमा है तो उसे भी साफ करें। ऑफिस का साफ-सुथरा माहौल वहाँ काम करने वालों को पॉजिटिव एनर्जी देगा। आप जिस जगह पर बैठते हैं, उसे अच्छी तरह साफ रखें। वहां किसी तरह की गंदगी होगी, तो आपका मन काम करने में नहीं लगेगा। एक बार आपने वहां सफाई कर दी तो आप पूरी ऊर्जा के साथ अपने काम कर पाएंगे।


दूसरा सूत्र -
घर और ऑफिस में पर्याप्त लाइटिंग का न होना भी नकारात्मकता फैला सकता है। इसलिए आप पॉजिटिव एनर्जी के लिए प्रोपर लाइटिंग की व्यवस्था करें। आप जहां बैठते हैं, उस कमरे में इतनी लाइट्स होनी ही चाहिए कि आपकी आँखों  पर किसी तरह का दबाव न पड़े। आपको एलईडी लाइट्स काम में लेनी चाहिए। साथ ही घर और ऑफिस को सजाने के लिए अपनी पसंद के कुछ पौधे खरीद लाएं और उन्हें घर और ऑफिस में ऐसी जगह रखें, जहां सभी लोगों की उन पर नजर पड़ सके। पौधों में खिलने वाली नई पत्तियों और फूलों से भी माहौल सकारात्मक बनता है। इसके साथ ही पौधों की हरियाली से आँखों को सुकून मिलेगा और पूरी एनर्जी के साथ अपना काम पूरा कर पाएंगे। आपको अच्छे कोट्स डेस्क पर लगा देने चाहिए। 


तीसरा सूत्र -
घर और ऑफिस में पॉजिटिविटी बढ़ाने के लिए आप रोजाना परिवारजनों और अधीनस्थों के साथ समय बिताएं इससे आपके संबंध मजबूत होते हैं। यह जरूरी नहीं है कि जूनियर या कलीग्स से काम के बारे में ही बात करें। आप हल्की-फुल्की चर्चा कर सकते हैं। इससे नेटवर्किंग मजबूत होती है और माहौल भी खुशनुमा बना रहता है। इस समय में उनके इनपुट्स लें, उनकी समस्याओं को ध्यान से सुनें और उन्हें सकारात्मक सुझाव दें।


चौथा सूत्र -
रोजाना कुछ समय मेडिटेशन करें। जरूरी नहीं कि आप रोजाना आधा घंटा ध्यान करें, बल्कि 10 से 15 मिनट तक किया गया ध्यान भी एकाग्रता और कार्यक्षमता बढ़ाता है। वैज्ञानिक शोध साबित कर चुके हैं कि ध्यान से कार्यक्षमता पर सकारात्मक असर पड़ता है। परिवारजनों और कलीग्स को भी ध्यान के लिए प्रेरित कर सकते हैं, इससे तनाव कम होगा और कलीग्स के नेगेटिव विचार दूर होंगे और वे सकारात्मक बनेंगे।


पांचवा सूत्र -
घर-परिवार के साथ-साथ वर्कप्लेस पर सबकी मदद करने की आदत डालें। इससे खुद के अंदर एनर्जी महसूस करेंगे। जब अन्य लोगों की मदद के लिए तैयार रहते हैं, तो अन्य लोग भी आपकी मदद के लिए तत्पर रहते हैं। आप जिस भी फील्ड में मास्टर हैं, उससे जुड़ी बारीकियां लोगों के साथ जरूर शेयर करनी चाहिए। आप किसी भी विषय को सीखने और सिखाने के बारे में लोगों से चर्चा करते रहें।

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